राजस्थान में कोटपूतली-किशनगढ़ 6-लेन एक्सप्रेसवे का निर्माण शुरू: 6906 करोड़ रुपये की लागत

राजस्थान सरकार ने कोटपूतली और किशनगढ़ के बीच एक अत्याधुनिक 6-लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। करीब 6906 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह एक्सप्रेसवे राज्य के विकास का प्रतीक बनेगा। परियोजना का उद्देश्य न केवल यातायात व्यवस्था में सुधार करना है, बल्कि ग्रामीण और औद्योगिक क्षेत्रों के बीच मजबूत संपर्क स्थापित करना भी है। दिसंबर 2025 से निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है, जिससे राज्य के कई जिलों में विकास की रफ्तार तेज होगी।

Kotputli to Kishangarh New Expressway Route Map:

Kotputli to Kishangarh new expressway map

5 घंटे की दूरी अब सिर्फ 2 घंटे में: कोटपूतली से किशनगढ़ एक्सप्रेसवे से यात्रा समय में भारी कमी

इस एक्सप्रेसवे के पूरा होने के बाद कोटपूतली से किशनगढ़ की दूरी 225 किलोमीटर से घटकर मात्र 143 किलोमीटर रह जाएगी। इससे पहले जो सफर 5 घंटे में पूरा होता था, अब केवल 2 घंटे में संभव होगा। यह सड़क तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा सुनिश्चित करेगी। परिवहन में सुधार के साथ-साथ माल ढुलाई की लागत में कमी आएगी और व्यापार को भी गति मिलेगी। यह एक्सप्रेसवे विशेष रूप से दिल्ली-जयपुर मार्ग के वैकल्पिक रूट के रूप में काम करेगा, जिससे राष्ट्रीय स्तर पर यातायात का दबाव भी घटेगा।

कोटपूतली-किशनगढ़ एक्सप्रेसवे: 2 दर्जन गांवों के लिए रोजगार के नए अवसर

लगभग 24 से अधिक गांवों से होकर गुजरने वाला यह एक्सप्रेसवे ग्रामीण विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। इसके निर्माण से हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। स्थानीय श्रमिकों, मशीन ऑपरेटरों, इंजीनियरों और ठेकेदारों के लिए नए अवसर पैदा होंगे। सड़क के किनारे व्यावसायिक गतिविधियाँ, होटल, पेट्रोल पंप और छोटे उद्योग भी विकसित होंगे। इस परियोजना से न केवल रोजगार बढ़ेगा, बल्कि ग्रामीण इलाकों में आर्थिक जीवनस्तर में भी सुधार आएगा।

खाटूश्यामजी के भक्तों के लिए सौगात: अब आसान होगी यात्रा

खाटूश्यामजी के भक्तों के लिए यह एक्सप्रेसवे किसी वरदान से कम नहीं होगा। जयपुर से खाटूश्यामजी तक की यात्रा अब काफी सहज और तेज हो जाएगी। हर वर्ष लाखों श्रद्धालु बाबा श्याम के दर्शन के लिए आते हैं, जिन्हें अब लंबी यात्रा में समय और ट्रैफिक की समस्या से राहत मिलेगी। इससे धार्मिक पर्यटन को भी नई ऊर्जा मिलेगी और आसपास के क्षेत्रों जैसे रींगस, पलसाना और खंडेला में होटल और अन्य सेवाओं की मांग बढ़ेगी।

कोटपूतली-किशनगढ़ एक्सप्रेसवे से जयपुर और दिल्ली की दूरी भी घटेगी

नया 6-लेन कोटपूतली-किशनगढ़ एक्सप्रेसवे न केवल जयपुर से किशनगढ़ की दूरी घटाएगा बल्कि जयपुर और दिल्ली के बीच यात्रा को भी आसान और तेज बनाएगा। यह परियोजना NH-48 के विकल्प के रूप में विकसित की जा रही है, जिससे ट्रैफिक का दबाव कम होगा और यात्रा सुगम बनेगी। यह व्यापारिक और औद्योगिक क्षेत्रों के बीच बेहतर लॉजिस्टिक कनेक्टिविटी प्रदान करेगा, जिससे माल परिवहन और निर्यात-आयात गतिविधियों को बल मिलेगा।

ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा प्रमुख क्षेत्रों का नेटवर्क: मकराना, रूपनगढ़, कुचामनसिटी, और पलसाना

इस परियोजना के माध्यम से मकराना, रूपनगढ़, नांवा, कुचामनसिटी, नीमकाथाना, पलसाना और खंडेला जैसे प्रमुख शहरों को जोड़ा जाएगा। इन क्षेत्रों में पहले से मौजूद उद्योगों को बेहतर सड़क कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा। यह मार्ग औद्योगिक परिवहन, कृषि उत्पाद वितरण और पर्यटन विकास को भी गति देगा। इन इलाकों के स्थानीय व्यापारियों और किसानों के लिए यह एक्सप्रेसवे विकास का नया द्वार साबित होगा।

भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया तेज: 1679 हेक्टेयर भूमि होगी अधिग्रहीत

इस एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए कुल 1679 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। प्रशासनिक टीम ने भूमि माप-जोख और निशान लगाने का कार्य शुरू कर दिया है। राज्य सरकार ने सभी उपखंड अधिकारियों और तहसीलदारों को भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं, ताकि परियोजना समय पर शुरू हो सके। एक्सप्रेसवे की चौड़ाई लगभग 100 मीटर और ऊंचाई 15 फीट होगी, जिससे यह सड़क उच्च मानकों पर तैयार की जाएगी।

कोटपूतली-किशनगढ़ एक्सप्रेसवे: राजस्थान में विकास की नई दिशा

यह परियोजना राजस्थान के 9 ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे में से एक है और इसे राज्य की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में शामिल किया गया है। इसके निर्माण से न केवल यात्रा समय घटेगा, बल्कि यह क्षेत्रीय विकास, औद्योगिकीकरण और रोजगार को भी बढ़ावा देगा। इस मार्ग के बनने से जयपुर, नीमकाथाना, सीकर, नागौर और अजमेर जिलों के हजारों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।

निष्कर्ष (Conclusion)

कोटपूतली-किशनगढ़ एक्सप्रेसवे राजस्थान के लिए एक गेम चेंजर परियोजना साबित होने जा रही है। यह न केवल राज्य की सड़क संरचना को आधुनिक बनाएगा बल्कि औद्योगिक, आर्थिक और पर्यटन विकास को भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा। खाटूश्यामजी के भक्तों से लेकर व्यापारिक समुदाय तक, हर वर्ग को इस एक्सप्रेसवे से लाभ मिलेगा। जब यह परियोजना पूरी होगी, तब राजस्थान न केवल बेहतर कनेक्टिविटी वाला राज्य बनेगा बल्कि देश के विकास मानचित्र पर भी और मजबूत स्थिति में उभरेगा।

Frequently Asked Questions (FAQs) — कोटपूतली-किशनगढ़ एक्सप्रेसवे

Q1. कोटपूतली-किशनगढ़ एक्सप्रेसवे क्या है?

A: कोटपूतली-किशनगढ़ एक्सप्रेसवे राजस्थान का एक 6-लेन ग्रीनफील्ड हाईवे प्रोजेक्ट है, जिसकी लंबाई 181 किलोमीटर होगी। यह परियोजना 6906 करोड़ रुपये की लागत से बनाई जा रही है और यह कोटपूतली से किशनगढ़ तक तेज व आधुनिक कनेक्टिविटी प्रदान करेगी।

Q2. कोटपूतली-किशनगढ़ एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई कितनी है?

A: इस एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई लगभग 181 किलोमीटर होगी और यह NH-48 के वैकल्पिक मार्ग के रूप में विकसित किया जा रहा है।

Q3. इस एक्सप्रेसवे की अनुमानित लागत कितनी है?

A: इस परियोजना पर कुल 6906 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का अनुमान है। यह राजस्थान की सबसे महत्वाकांक्षी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में से एक है।

Q4. कोटपूतली-किशनगढ़ एक्सप्रेसवे कब तक पूरा होने की उम्मीद है?

A: इसका निर्माण कार्य दिसंबर 2025 में शुरू होने की संभावना है। परियोजना को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा और अगले कुछ वर्षों में इसे जनता के लिए खोला जाएगा।

Q5. एक्सप्रेसवे किन जिलों से होकर गुजरेगा?

A: यह एक्सप्रेसवे जयपुर, सीकर, नागौर, अजमेर और नीमकाथाना सहित पांच जिलों से होकर गुजरेगा। इसके रास्ते में मकराना, कुचामनसिटी, रूपनगढ़, पलसाना और खंडेला जैसे प्रमुख क्षेत्र शामिल होंगे।

Q6. कोटपूतली-किशनगढ़ एक्सप्रेसवे से यात्रा समय में कितना फर्क आएगा?

A: वर्तमान में कोटपूतली से किशनगढ़ की यात्रा में लगभग 5 घंटे लगते हैं, लेकिन एक्सप्रेसवे बनने के बाद यह सफर सिर्फ 2 घंटे में पूरा हो सकेगा।

Q7. क्या इस एक्सप्रेसवे से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे?

A: हां, परियोजना से 24 से अधिक गांवों में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे। सड़क के किनारे होटल, पेट्रोल पंप, लॉजिस्टिक पार्क और छोटे व्यवसाय भी विकसित होंगे।

Q8. क्या खाटूश्यामजी के भक्तों को भी इस एक्सप्रेसवे से लाभ मिलेगा?

A: बिल्कुल, यह एक्सप्रेसवे खाटूश्यामजी, रींगस, पलसाना और खंडेला जैसे धार्मिक स्थलों तक पहुंच को आसान बनाएगा। अब जयपुर से खाटूश्यामजी पहुंचने का समय काफी घट जाएगा।

Q9. कोटपूतली-किशनगढ़ एक्सप्रेसवे किस प्रकार का प्रोजेक्ट है — ग्रीनफील्ड या ब्राउनफील्ड?

A: यह एक ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट है, यानी इसे पूरी तरह नई भूमि पर बनाया जाएगा, न कि किसी पुराने हाईवे के पुनर्निर्माण के रूप में।

Q10. कोटपूतली-किशनगढ़ एक्सप्रेसवे से राजस्थान को क्या लाभ होगा?

A: इस एक्सप्रेसवे से राजस्थान में बेहतर सड़क कनेक्टिविटी, तेज परिवहन, औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। यह परियोजना राज्य को राष्ट्रीय आर्थिक मानचित्र पर और सशक्त बनाएगी।

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *